सबरीमाला मंदिर स्वर्ण मामला: एसआईटी ने पूर्व तंत्री कंदरारू राजीवारू को किया गिरफ्तार
विशेष जांच दल ने मुख्य आरोपी से कथित संबंधों के आधार पर मंदिर के पूर्व प्रधान पुजारी को इस मामले में 11वें आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया।
सबरीमाला मंदिर से जुड़े स्वर्ण जड़ाई कार्य में कथित अनियमितता के मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 9 जनवरी 2026 को मंदिर के पूर्व तंत्री (प्रधान पुजारी) कंदरारू राजीवारू को गिरफ्तार किया।
एसआईटी के अनुसार राजीवारू इस मामले में गिरफ्तार होने वाले 11वें व्यक्ति हैं। उनकी गिरफ्तारी से पहले दो दिनों तक गहन पूछताछ की गई थी, जिसके बाद मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी से उनके कथित संबंधों को आधार बनाया गया।
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पूर्व त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड अध्यक्ष ए. पद्मकुमार सहित कुछ गवाहों के बयानों में बेंगलुरु के प्रायोजक पोट्टी के साथ तंत्री की करीबी का जिक्र सामने आया, जिसके आधार पर जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई की।
एसआईटी का कहना है कि मामले में द्वारपालक प्रतिमाओं और द्वार के फ्रेम से सोने की परत वाले पैनल हटाकर तय नियमों के विपरीत चेन्नई भेजे जाने की अनुमति दी गई थी। जांच में अब तक करीब 475 ग्राम सोना अप्राप्त बताया गया है।
मामला केरल के प्रमुख मंदिरों में से एक सबरीमाला मंदिर के रखरखाव और स्वर्ण जड़ाई कार्यों में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसकी जांच त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड की शिकायत के बाद शुरू की गई थी।
एसआईटी के अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और गायब सोने के पूरे हिसाब का पता लगाने तथा जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट करने के लिए आगे भी पूछताछ जारी रहेगी।