यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद की भारत यात्रा, रक्षा और परमाणु सहयोग पर सहमति
दोनों देशों ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा और रक्षा भागीदारी पर इरादा पत्र पर हस्ताक्षर किए।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 19 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए। बीते दस वर्षों में उनकी यह पांचवीं और राष्ट्रपति के तौर पर तीसरी भारत यात्रा रही।
इस दौरान दोनों देशों ने सामरिक रक्षा भागीदारी की दिशा में काम करने के लिए एक इरादा पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसमें बड़े परमाणु रिएक्टरों के विकास, तैनाती और परमाणु सुरक्षा से जुड़े सहयोग को शामिल किया गया है।
ऊर्जा क्षेत्र में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और यूएई की एडनॉक गैस के बीच 10 साल के लिए सालाना 5 लाख टन तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आपूर्ति के समझौते का स्वागत किया गया, जिसकी आपूर्ति 2028 से शुरू होगी।
दोनों पक्षों ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया। इसके अलावा अंतरिक्ष ढांचे के विकास, गुजरात के धोलेरा में विशेष निवेश क्षेत्र में यूएई की भागीदारी और भारत में एक सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर की स्थापना पर भी सहमति बनी।
साझा बयान के अनुसार अबू धाबी में 'हाउस ऑफ इंडिया' नाम से एक सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसमें भारतीय कला, विरासत और पुरातत्व से जुड़ा संग्रहालय शामिल होगा।
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह यात्रा भारत और यूएई के बीच ऊर्जा, रक्षा, तकनीक और निवेश के क्षेत्रों में साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।