रविवार, 23 अगस्त 2026
लॉगिन
अंतरराष्ट्रीय

भारत-चीन सीमा वार्ता तंत्र की 35वीं बैठक बीजिंग में संपन्न

डब्ल्यूएमसीसी की बैठक में सीमा प्रबंधन, सीमांकन और सीमा पार नदियों के जल बंटवारे जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

विद्रोही आनंद डेस्क

भारत और चीन के बीच सीमा मामलों पर विचार-विमर्श और समन्वय के लिए बने कार्य तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की 35वीं बैठक 27 और 28 मई को बीजिंग में आयोजित हुई। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुजीत घोष और चीन की ओर से विदेश मंत्रालय की महानिदेशक होउ यानछी ने की।

बैठक में सीमा क्षेत्र के सीमांकन, सीमा प्रबंधन तथा सीमा पार बहने वाली नदियों के जल बंटवारे से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। भारतीय पक्ष ने सीमा पार नदियों के जल बंटवारे को लेकर जल्द एक अलग बैठक बुलाए जाने की मांग रखी।

दोनों पक्षों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बीते समय से बनी शांति और स्थिरता पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि बातचीत सौहार्दपूर्ण व व्यावहारिक माहौल में हुई। दोनों देशों ने राजनयिक और सैन्य स्तर पर नियमित संपर्क बनाए रखने तथा सीमा प्रबंधन तंत्र को और मज़बूत बनाने पर सहमति जताई।

यह बैठक पूर्वी लद्दाख में वर्षों से चली आ रही सैन्य तनातनी के बाद द्विपक्षीय संबंधों में आए धीमे सुधार के बीच हुई। हालांकि जल बंटवारे के मुद्दे पर अगली बैठक को लेकर फिलहाल कोई तारीख तय नहीं की गई है।

कूटनीतिक हलकों में इस बैठक को दोनों पड़ोसी देशों के बीच सामान्य होते रिश्तों की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के नियमित तंत्र आधारित संवाद से सीमा पर विश्वास बहाली की प्रक्रिया को बल मिलता है, भले ही बड़े राजनीतिक मुद्दों का हल निकलने में अभी वक्त लग सकता है।

शेयर करें:WhatsAppXInstagram Stories

अंतरराष्ट्रीय से संबंधित