पश्चिम एशिया संकट: भारत ने आर्मीनिया के रास्ते ईरान से 1,200 से अधिक नागरिकों को निकाला
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आर्मीनिया सरकार का आभार जताया, जिसने भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी में सहयोग किया।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों को निकालने का अभियान तेज़ करते हुए आर्मीनिया और अज़रबैजान के रास्ते 1,200 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश पहुंचाया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार इनमें से 996 नागरिकों को आर्मीनिया के रास्ते और 204 नागरिकों को अज़रबैजान के रास्ते ईरान से बाहर निकाला गया। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने फंसे नागरिकों को सीमा पार तक सुरक्षित पहुंचाने में मदद की।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 16 मार्च को आर्मीनिया की सरकार और वहां की जनता का धन्यवाद किया, जिन्होंने भारतीय नागरिकों के सुरक्षित पारगमन में सहयोग दिया। उन्होंने आर्मीनिया के विदेश मंत्री अरारात मिर्ज़ोयान से बातचीत में भारतीय मछुआरों सहित अन्य नागरिकों की निकासी में मिली मदद के लिए भी आभार व्यक्त किया।
फरवरी के अंत में शुरू हुए पश्चिम एशिया संकट के बाद से भारत सरकार लगातार क्षेत्र में फंसे अपने नागरिकों की निकासी में जुटी है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक इस अवधि में क्षेत्र से भारत आने वाले यात्रियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि निकासी अभियान ज़मीनी और हवाई, दोनों मार्गों से समन्वित तरीके से चलाया जा रहा है, और पड़ोसी देशों के सहयोग को इसमें अहम भूमिका के तौर पर रेखांकित किया गया है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और ज़रूरत पड़ने पर आगे भी नागरिकों की निकासी जारी रखी जाएगी।