रविवार, 23 अगस्त 2026
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इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026: नई दिल्ली घोषणापत्र को 88 देशों का समर्थन

भारत मंडपम में आयोजित सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने 'मानव विजन' ढांचे का अनावरण किया, जबकि समापन पर नई दिल्ली घोषणापत्र को अपनाया गया।

विद्रोही आनंद डेस्क

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 19 और 20 फरवरी को आयोजित इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का समापन 21 फरवरी को नई दिल्ली घोषणापत्र को अपनाए जाने के साथ हुआ। यह पहला मौका था जब वैश्विक दक्षिण के किसी देश ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर इतने बड़े स्तर का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया, जिसके शुरुआती सत्र में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भी संबोधित किया। आयोजकों के मुताबिक सम्मेलन में 100 से अधिक देशों और 20 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों समेत 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों, 60 मंत्रियों और 500 से अधिक वैश्विक एआई विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।

समिट "पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस" के सिद्धांतों पर आधारित रही और इसमें ह्यूमन कैपिटल, इनक्लूज़न, सेफ एंड ट्रस्टेड एआई सहित सात विषयगत क्षेत्रों पर चर्चा हुई। समापन पर अपनाई गई नई दिल्ली घोषणापत्र को 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिला, जिसमें एआई के लाभों को पूरी मानवता के बीच समान रूप से बांटने पर ज़ोर दिया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन में भारत के एआई गवर्नेंस ढांचे "मानव विजन" का भी अनावरण किया, जो नैतिक व्यवस्था, जवाबदेह शासन, राष्ट्रीय संप्रभुता और समावेशी डिज़ाइन जैसे सिद्धांतों पर आधारित है। इस ढांचे को भारत की ओर से एआई नियमन पर अपनाए जाने वाले दृष्टिकोण के तौर पर पेश किया गया।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सम्मेलन के दौरान "न्यू दिल्ली फ्रंटियर एआई कमिटमेंट्स" की घोषणा की, जो वैश्विक एआई कंपनियों और भारतीय कंपनियों को एक साझा मंच पर लाने की एक स्वैच्छिक पहल है। इसका मकसद वास्तविक दुनिया में एआई के इस्तेमाल से जुड़े गुमनाम और समेकित आंकड़े जुटाकर नीति निर्माण को मज़बूत बनाना है।

सम्मेलन में महिलाओं के नेतृत्व वाले एआई समाधानों को बढ़ावा देने वाली "एआई बाय हर" पहल और 13 से 21 वर्ष के युवाओं के लिए "यूवीएआई ग्लोबल यूथ चैलेंज" जैसी कई फ्लैगशिप पहलों की भी शुरुआत की गई। इसके अलावा "एआई फॉर ऑल: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज" के तहत दुनियाभर के नवोन्मेषकों को सामाजिक भलाई से जुड़े एआई समाधान पेश करने के लिए आमंत्रित किया गया।

आयोजन स्थल भारत मंडपम में सम्मेलन से जुड़े कई साइड-इवेंट और चर्चा सत्र फरवरी के मध्य से ही शुरू हो गए थे, जिनका दायरा मुख्य दो-दिवसीय शिखर सम्मेलन से आगे तक फैला रहा। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक यह आयोजन आने वाले वर्षों में भारत को वैश्विक एआई नीति चर्चाओं के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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