कान फिल्म महोत्सव 2026 में भारतीय सिनेमा की व्यापक मौजूदगी
हिंदी के साथ-साथ पंजाबी, मराठी, गुजराती और मलयालम सिनेमा के कलाकारों ने भी कान के लाल कालीन पर हिस्सा लिया।
कान फिल्म महोत्सव का 2026 संस्करण 12 से 23 मई तक फ्रांस में आयोजित हुआ, जिसमें भारतीय सिनेमा जगत की मौजूदगी सिर्फ हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई क्षेत्रीय भाषाओं के कलाकारों ने भी लाल कालीन पर हिस्सा लिया।
ऐश्वर्या राय बच्चन एक बार फिर लोरियल पेरिस की वैश्विक एंबेसडर के तौर पर महोत्सव में शामिल हुईं, जो कान में उनकी लंबे समय से चली आ रही मौजूदगी को आगे बढ़ाता रहा। उनके साथ आलिया भट्ट, फिल्मकार करण जौहर, तारा सुतारिया, मौनी रॉय और पूजा बत्रा जैसे कलाकार भी कान पहुंचे।
पंजाबी सिनेमा के लिए यह मौका खास रहा, जब अभिनेता अम्मी विर्क और अभिनेत्री रूपी गिल अपनी फिल्म "चढ़दीकला" के साथ पहली बार कान के लाल कालीन पर पहुंचे। वहीं मराठी सिनेमा की ओर से वरिष्ठ कलाकार अशोक सराफ, निवेदिता सराफ, अभिनेत्री प्राजक्ता माली और निर्माता केदार जोशी ने पारंपरिक परिधानों में शिरकत की।
गुजराती सिनेमा का प्रतिनिधित्व अभिनेत्री-निर्माता मानसी पारेख और गायक-निर्माता पार्थिव गोहिल ने किया, जबकि मलयालम फिल्मकार चिदंबरम ने कान मार्केट में अपनी फिल्म "बालन: द बॉय" प्रदर्शित की। इस तरह इस बार कान में भारत की मौजूदगी कई भाषाओं और क्षेत्रों तक फैली नज़र आई।
भारत के आधिकारिक शिष्टमंडल में फिल्मकार आशुतोष गोवारिकर भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) के निदेशक की हैसियत से शामिल हुए। फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार कान में भारत की मौजूदगी एक उद्योग के बजाय कई क्षेत्रीय सिनेमाई परंपराओं के समूह के तौर पर सामने आई, जो भारतीय सिनेमा की विविधता को वैश्विक मंच पर बेहतर तरीके से दर्शाती है।
