रविवार, 23 अगस्त 2026
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भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवानों ने एशियाई चैंपियनशिप में जीते पांच पदक

किर्गिस्तान के बिश्केक में हुई एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारत के ग्रीको-रोमन पहलवानों ने दो रजत और तीन कांस्य पदक हासिल किए।

विद्रोही आनंद डेस्क

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप 2026 में भारत के ग्रीको-रोमन पहलवानों ने कुल पांच पदक जीते। भारतीय दल ने अपना अभियान अप्रैल की शुरुआत में शुरू किया था और पूरे टूर्नामेंट के दौरान लगातार अच्छा प्रदर्शन किया।

नितेश सिवाच ने प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया, जबकि प्रिंस और सचिन सहरावत ने कांस्य पदक अपने नाम किए। इन तीनों पहलवानों के प्रदर्शन को भारतीय दल की मज़बूती का बड़ा उदाहरण माना गया।

55 किलोग्राम भारवर्ग में ललित सहरावत ने रजत पदक जीता, वहीं 87 किलोग्राम भारवर्ग में सुनील कुमार ने कांस्य पदक हासिल किया। इन दोनों की जीत ने भारतीय दल की पदक संख्या को पांच तक पहुंचाया।

भारतीय कुश्ती महासंघ ने टीम के इस प्रदर्शन को ग्रीको-रोमन शैली में भारतीय पहलवानों की बढ़ती मज़बूती के संकेत के तौर पर देखा है, क्योंकि परंपरागत रूप से भारत का प्रदर्शन फ़्रीस्टाइल कुश्ती में अधिक मज़बूत माना जाता रहा है। महासंघ के अधिकारियों ने कहा कि यह नतीजे कोचिंग व्यवस्था में हुए बदलावों का नतीजा हैं।

एशियाई चैंपियनशिप को ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप की तैयारियों के लिहाज़ से एक अहम पड़ाव माना जाता है, और कोचिंग स्टाफ ने खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन को आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए सकारात्मक संकेत बताया है।

भारतीय दल ने इससे पहले भी एशियाई स्तर की प्रतियोगिताओं में लगातार पदक जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, और बिश्केक में मिली इस सफलता को उसी निरंतरता के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। खेल मंत्रालय ने भी पहलवानों के प्रदर्शन की सराहना की है।

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