रविवार, 23 अगस्त 2026
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आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखा

रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने वित्त वर्ष 2027 की पहली द्विमासिक नीति में वैश्विक अनिश्चितताओं का हवाला देते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया।

विद्रोही आनंद डेस्क

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया। समिति की यह बैठक 6 से 8 अप्रैल के बीच हुई।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में समिति ने सर्वसम्मति से सभी नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखने और 'न्यूट्रल' यानी तटस्थ रुख जारी रखने का निर्णय लिया।

समिति ने अपने बयान में पश्चिम एशिया में जारी तनाव का ज़िक्र करते हुए कहा कि इससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा व जिंस बाज़ारों में अस्थिरता बढ़ी है। समिति के मुताबिक मौजूदा जोखिम मुख्यतः आपूर्ति पक्ष से जुड़ा होने के चलते फिलहाल दरों में बदलाव न करना ही उचित समझा गया।

आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। साथ ही आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को भी 50 आधार अंक घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया गया है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के असर को दर्शाता है।

समिति ने कहा कि वह घरेलू और वैश्विक आर्थिक स्थितियों में हो रहे बदलावों पर करीबी नज़र बनाए रखेगी और आगे की मौद्रिक नीति उन्हीं परिस्थितियों के अनुसार तय की जाएगी। फरवरी 2026 की पिछली बैठक में भी समिति ने दरों को अपरिवर्तित रखा था।

मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 3 से 5 जून के बीच प्रस्तावित है, जिसमें आगे की आर्थिक स्थिति के आधार पर दरों पर फैसला लिया जाएगा।

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