बजट में विनिर्माण और बुनियादी ढांचे पर बड़ा दांव, पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड़ रुपये
सेमीकंडक्टर मिशन और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए बड़े आवंटन के साथ सरकार ने राजकोषीय घाटे को 4.3 प्रतिशत पर सीमित रखने का लक्ष्य रखा है।
केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने पूंजीगत व्यय के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.3 प्रतिशत के स्तर पर सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट दस्तावेज़ों के मुताबिक सरकार का कुल खर्च 53.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जबकि गैर-ऋण प्राप्तियां यानी राजस्व 36.5 लाख करोड़ रुपये आंकी गई हैं। सरकार का कुल कर्ज़ जीडीपी के 55.6 प्रतिशत के बराबर बताया गया है।
विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बजट में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत 40,000 करोड़ रुपये और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट विनिर्माण के लिए भी 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा बायोफार्मा क्षेत्र के लिए पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये की 'शक्ति' योजना, कार्बन कैप्चर तकनीक के लिए 20,000 करोड़ रुपये और छोटे उद्योगों के लिए समर्पित 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई ग्रोथ फंड की भी घोषणा की गई।
बजट में विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं के लिए डेटा सेंटर पर मिलने वाली कर छूट को 2047 तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी शामिल है, साथ ही सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित करने की योजना का भी ज़िक्र किया गया है।
इसके अलावा ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में दुर्लभ मृदा (रेयर अर्थ) कॉरिडोर विकसित करने, टियर-2 और टियर-3 शहरों में शहरी आर्थिक क्षेत्रों के लिए हर क्षेत्र को पांच वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये देने और टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए एक समेकित पांच-सूत्रीय कार्यक्रम की भी घोषणा की गई।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट में पांच क्षेत्रीय मेडिकल वैल्यू टूरिज्म हब बनाने और आयुष क्षेत्र के आधुनिकीकरण पर भी ज़ोर दिया गया है, जिसे स्वास्थ्य सेवाओं के निर्यात को बढ़ावा देने वाला कदम बताया जा रहा है।
उद्योग जगत ने बजट में विनिर्माण और बुनियादी ढांचे पर दिए गए ज़ोर का स्वागत किया है। विश्लेषकों का कहना है कि पूंजीगत व्यय बढ़ाने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के बीच संतुलन साधने की सरकार की कोशिश आने वाले वर्षों में आर्थिक वृद्धि को गति देने में मददगार साबित हो सकती है।
बिजनेस से संबंधित
